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खाने से पहले और खाने के बाद कितना होना चाहिये बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र? यहां देखिये पूरा चारà¥à¤Ÿ
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट हमारा बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र 70 से 100 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ डेसीलीटर के बीच में होता है जिसे फॉसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग शà¥à¤—र कहते हैं।
अगर बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° 130 mg/dl या उससे अधिक होता है तो आप डायबिटीज के शिकार हैं।
डायबिटीज à¤à¤• मेटाबॉलिक डिजीज है जिसमें बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° तेजी से बढ़ता है। इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का बनना बॉडी के लिठबेहद जरूरी है। इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ ही बà¥à¤²à¤¡ से गà¥à¤²à¥‚कोज को कोशिकाओं में पहà¥à¤‚चाता है जिससे बॉडी को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ मिलती है। गà¥à¤²à¥‚कोज हमारे बà¥à¤²à¤¡ में पाया जाता है जो हमारी बॉडी में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के रूप में काम करता है। पाचन के दौरान, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, शà¥à¤—र, सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š और फाइबर होते हैं वो गà¥à¤²à¥‚कोज में बदल जाते हैं। हमारी बॉडी इसे ऊरà¥à¤œà¤¾ के रूप में उपयोग करती है, और जो à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ कोशिकाओं में यूज नहीं होती उसे बाद के लिठसà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करके रखती है।
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° हमारी डाइट, उमà¥à¤°, तनाव, बॉडी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€,धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब का सेवन करने से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। अगर आप टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हैं तो नियामित रूप से अपने बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° की जांच करें। बà¥à¤²à¤¡ जांच करने से आपको यह समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिलेगी कि दवा, डाइट और शारीरिक गतिविधियां शà¥à¤—र को कैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं। जांच से आप बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° का पता जलà¥à¤¦à¥€ लगा सकते हैं।
डायबिटीज को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखना बेहद जरूरी है वरना इसके बढ़ने से अंधापन, दिल का दौरा और किडनी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। डायबिटीज के बढ़ने से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा à¤à¥€ बढ़ सकता है। आप à¤à¥€ डायबिटीज के शिकार हैं तो आपके लिठये जानना जरूरी है कि खाने से पहले और खाने के बाद आपका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र कितना होना चाहिये।
खाने से पहले कितना होना चाहिठशà¥à¤—र लेवल: सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट हमारा बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र 70 से 100 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ डेसीलीटर के बीच में होता है जिसे फॉसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग शà¥à¤—र कहते हैं। सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट जिन लोगों के बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° 100 से 126 mg/dl के बीच होता है उनमें पà¥à¤°à¥€ डायबिटीज के लकà¥à¤·à¤£ मौजूद होते हैं। अगर बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° 130 mg/dl या उससे अधिक होता है तो आप डायबिटीज के शिकार हैं।
Diabetes Diet: गरà¥à¤®à¥€ में डायबिटीज के मरीज़ खा सकते हैं ये मौसमी फल, नहीं बढ़ेगा बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र
खाने के बाद कितनी होनी चाहिठशà¥à¤—र: सà¥à¤¬à¤¹ के नाशà¥à¤¤à¥‡ के 2 घंटे बाद 130 से 140 mg/dl बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को सामानà¥à¤¯ माना जाता है। खाने के बाद इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बढ़ना आपको डायबिटीज का मरीज बताता है।
शà¥à¤—र का बढ़ना कब खतरनाक होता है: अगर बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° 200 से 400 mg/dl के बीच है तो यह खतरनाक साबित होता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज के बॉडी में बाकी आरà¥à¤—न को खतरा हो सकता है। बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने से दिल का दौरा, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤• और मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² आरà¥à¤—न फेलियर हो सकता है।
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